भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, डीम्ड यूनिवर्सिटी, दुनिया के पहले जनजातीय विश्वविद्यालय के सहयोग से 9 से 12 जून 2023 तक पहले खेलो इंडिया ग्रामीण और स्वदेशी खेलों (किरिंग) 2023 का आयोजन किया

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, डीम्ड यूनिवर्सिटी, दुनिया के पहले जनजातीय विश्वविद्यालय के सहयोग से 9 से 12 जून 2023 तक पहले खेलो इंडिया ग्रामीण और स्वदेशी खेलों (किरिंग) 2023 का आयोजन अपने प्रमुख आजादी का अमतृ महोत्सव कार्यक्रम के तत्वावधान में भुवनेश्वर, ओडिशा में किया।


इस चार दिवसीय राष्ट्रीय खेल सम्मेलन व जनजातीय खेल संस्कृति के उत्सव में तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी, खो खो, कबड्डी, रग्बी, तैराकी, वॉलीबॉल और योगासन सहित 10 प्रतियोगिता खेल शामिल थे, जिसमें 18 राज्यों के 6000 से अधिक एथलीटों ने भाग लिया, जिनका जनजातीय आबादी वाले बडी संख्या में हिस्सा थे।

इस कार्यक्रम में जोडा गया नवीनतम कार्यक्रम जनजातीय खेल महोत्सव (जेकेएम) 2023, जो 10 और 11 जून, 2023 को था, जिसके अंतर्गत लिए निर्धारित प्रदर्शन और प्रदर्शनी, स्वदेशी और पारंपररक समुदायों के अपरिचित आयामों का पता लगाना और उनका जश्न मनाना था, खेल जैसे मलखंब, पेसापल्लो, एयरोस्काटोबॉल, बैटलस्पोर्टडांस, थांग-टा, खोमलैनई आदि। इसका उद्देश्य भारत में विभिन्न जनजातीय समुदायों से संबंधित विभिन्न जनजातीय और स्वदेशी खेलों का प्रदर्शन करना था, जो भारत में जनजातीय समुदायों के बीच खेले जाते हैं, अपितु वर्तमान में प्रतिस्पर्धी खेल के क्षेत्र में शामिल नहीं हैं।


मानदंडों को पूरा करने वाले खेलों में से एक बूमरैंग था, एक ऐसा खेल जो हालांकि पारंपरिक और मूल रूप से आदिवासी समुदाय से संबंधित है, फिर भी पहले से ही एक अंतरराष्ट्रीय खेल है, जो दुनिया भर के प्रमुख देशों द्वारा खेला जाता है, अपने स्वयं के विश्व निकाय, इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ बूमरैंग एसोसिएशन (आई एफ बी ए) द्वारा संचालित है। बूमरैंग के खेल को इस आयोजन में इंडो-बूमरैंग एसोसिएशन (आई बी ए) द्वारा पेश कराया गया, जो इस खेल का भारत का पहला और एकमात्र पंजीकृत संगठन है, और आई एफ बी ए द्वारा खेल के लिए भारत में अधिकृत रूप से भी मान्यता प्राप्त है। इस संगठन के संस्थापक अध्यक्ष श्री विवेक मोंट्रोस के नेतृत्व में आई बी ए की टीम का संस्कृति मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुश्री उमा नंदूरी ने व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया, जिनको आयादीवासी टीम सदस्य संभव सिंह श्याम ने गोंद कलाकारी युक्त अपने हाथ का बना बूमरैंग भी भेंट किया। उद्घाटन समारोह में खेल की सिफारिश माननीय शिक्षा मंत्री और कौशल विकास और उद्यमिता, भारत सरिार श्री धमेंद्र प्रधान ने स्वयं की।


इस कार्यक्रम की अध्यक्षता ओडिशा के राज्यपाल महामहिम प्रो. गणेशी लाल ने की और इसमें पद्मश्री से सम्मानित दिलीप तिर्की, ओलंपियन और अध्यक्ष, हॉकी, भारत जैसे गणमान्य व्यजततयों ने भाग लिया।

इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन के साथ-साथ प्रदर्शन या प्रदर्शनी खेलों को आयोजित करने के उद्देश्य को दोहरा घोषित किया। सबसे पहले, आयोजक इस तरह के खेलों को प्रतिभागियों और अधिकारीयों से परिचित कराना चाहते थे ताकि यह परीक्षण किया जा सके की भविष्य में ऐसे खेलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुख्यधारा की खेल प्रतियगिता में शामिल किया जा सकता है या नहीं। दूसरा, वे प्रचार और प्रदर्शनी के माध्यम से इन दुर्लभ और अनोखे खेलों को भी बढावा देना चाहते हैं ताकि वे बडे पैमाने पर लोगों के बीच अधिक लोकप्रिय हो सकें।

जनजातीय खेल महोत्सव 2023 में प्रतियोगिता खेल और भारत में आदिवासी और स्वदेशी खेलों के विभिन्न पहलुओं पर संगोष्ट्ठी एवं कार्यशाला शामिल थी। टीम आई बी ए में गोंड आदिवासी सदस्य संभव सिंह श्याम, राजू मरकाम और महिला थ्रो खिलाड़ी भावना त्यागी और तरुणा जायसवाल शामिल थे।

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