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लिंग्याज़ विद्यापीठ में धूमधाम से मनाई गई विश्वकर्मा जयंती, लैब व वर्कशॉप में हुई विशेष पूजा-अर्चना फरीदाबाद स्थित लिंग्याज़ विद्यापीठ परिसर में आज देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती के अवसर पर 'विश्वकर्मा पूजन' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ वर्कशॉप और लैब में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इस दौरान विश्वविद्यालय की सभी आधुनिक मशीनों, कंप्यूटरों, औजारों और तकनीकी उपकरणों की विशेष सफाई कर उनका पूजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के उच्च प्रबंधन एवं संकाय सदस्यों ने सभी छात्रों और कर्मचारियों को विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के प्रथम इंजीनियर और वास्तुकार माने जाते हैं। एक तकनीकी और शैक्षणिक संस्थान के रूप में लिंग्याज़ विद्यापीठ का यह कर्तव्य है कि वह अपने विद्यार्थियों में कौशल, नवाचार (Innovation) और श्रम के प्रति सम्मान की भावना को प्रोत्साहित करे। पूजन समारोह के बाद वैदिक हवन का आयोजन किया गया, जिसमें परिसर की सुख-समृद्धि, तकनीकी प्रगति और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण और सांस्कृतिक भजनों के साथ हुआ।
लिंग्याज़ विद्यापीठ में धूमधाम से मनाई गई विश्वकर्मा जयंती, लैब व वर्कशॉप में हुई विशेष पूजा-अर्चना फरीदाबाद स्थित लिंग्याज़ विद्यापीठ परिसर में आज देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती के अवसर पर 'विश्वकर्मा पूजन' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ वर्कशॉप और लैब में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इस दौरान विश्वविद्यालय की सभी आधुनिक मशीनों, कंप्यूटरों, औजारों और तकनीकी उपकरणों की विशेष सफाई कर उनका पूजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के उच्च प्रबंधन एवं संकाय सदस्यों ने सभी छात्रों और कर्मचारियों को विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के प्रथम इंजीनियर और वास्तुकार माने जाते हैं। एक तकनीकी और शैक्षणिक संस्थान के रूप में लिंग्याज़ विद्यापीठ का यह कर्तव्य है कि वह अपने विद्यार्थियों में कौशल, नवाचार (Innovation) और श्रम के प्रति सम्मान की भावना को प्रोत्साहित करे। पूजन समारोह के बाद वैदिक हवन का आयोजन किया गया, जिसमें परिसर की सुख-समृद्धि, तकनीकी प्रगति और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण और सांस्कृतिक भजनों के साथ हुआ।
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लिंग्याज़ विद्यापीठ में 'मॉक यूएन असेंबली' का आयोजन: छात्रों ने भारत की पड़ोसी चिंताओं और कूटनीति पर की विस्तृत चर्चा
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कोलंदबयन दिकोणीय दिके ट श्ृंखला में सेंट कोलंबस दिके ट अकादमी का शानदार प्रदशशन “जहााँ मेहनत जुनून बन जाए, अनुशासन ताकत बन जाए और लक्ष्य जीत का हो—िहााँ सफलता दनदित होती है।
कोलंदबयन दिकोणीय दिके ट श्ृंखला में सेंट कोलंबस दिके ट अकादमी का शानदार प्रदशशन “जहााँ मेहनत जुनून बन जाए, अनुशासन ताकत बन जाए और लक्ष्य जीत का हो—िहााँ सफलता दनदित होती है।
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